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एब्डॉमिनल ब्रीदिंग

एब्डॉमिनल ब्रीदिंग करने की विधि 01 एब्डॉमिनल ब्रीदिंग, जिसे पेट से सांस लेना या डायफ्रामिक ब्रीदिंग भी कहते हैं, एक ऐसी श्वसन तकनीक है जिसमें सांस लेते समय छाती के बजाय पेट की मांसपेशियों (डायफ्राम) का उपयोग किया जाता है। यह तनाव कम करने, ऑक्सीजन का स्तर बढ़ाने तथा फेफड़ों…

ध्यान

ध्यान – परिचय ध्यान वह अवस्था है जिसमें मन एकाग्र, शांत और सजग होकर किसी एक विषय, ध्वनि, श्वास, मंत्र या केवल वर्तमान क्षण में स्थिर हो जाता है। योग के अनुसार ध्यान केवल आंखें बंद करके बैठना नहीं, बल्कि मन की चंचलता को कम करके उसे स्थिर एवं अंतर्मुखी…

योग निद्रा

योग निद्रा – परिचय योग निद्रा जागने और सोने के बीच की अवस्था है । यह एक सचेत, गहरी विश्राम अवस्था है जो तनाव को कम करती है, नींद की गुणवत्ता में सुधार करती है, और मानसिक स्पष्टता को बढ़ाती है। योग निद्रा को हम आरामदायक ढीले कपड़े पहन कर…

एम एस आर टी (माइंड साउंड रेसोनेंस तकनीक)

MSRT अभ्यास – नौ चरण MSRT का अभ्यास हम नौ चरणों में पूरा करते हैं । 01 संकल्प के साथ प्रारंभिक प्रार्थना । 02 A U M चैंटिंग के तीन तीन राउंड । 03 A U M चैंटिंग- के आहता और अनाहता के तीन तीन राउंड – (आहता का अर्थ…

सी आर टी अर्थात कम्पलीट रिलैक्सेशन टेकनीक (सम्पूर्ण विश्राम विधि)

सी आर टी (सम्पूर्ण विश्राम विधि) की विधि 01 योगा मैट या हार्ड बेड पर पीठ के बल बिल्कुल आरामदायक स्थिति में सीधे लेट जाएं। यदि रीढ़ की हड्डी के किसी रोग या अन्य कारण से सीधा लेटने में असुविधा हो अथवा लोअर बैक सतह से ऊपर उठता हो, तो…

डी आर टी अर्थात डीप रिलैक्सेशन तकनीक (गहरी विश्राम विधि)

गहरी विश्राम विधि (DRT) की विधि जैसा कि नाम से ही प्रदर्शित होता है कि इस विश्राम विधि में हम अपने शरीर को पूरी गहराई तक विश्राम की अनुभूति कराते हैं। अपने शारीरिक स्तर से लेकर अपने चेतनात्मक स्तर का स्पर्श करने का प्रयास करते हैं। 01 गहरी विश्राम विधि…

क्यू आर टी अर्थात क्विक रिलैक्सेशन टेक्नीक (शीघ्र विश्राम विधि)

शीघ्र विश्राम विधि (QRT) की विधि 01 क्यू आर टी अर्थात क्विक रिलैक्सेशन तकनीक या शीघ्र विश्राम विधि। शीघ्र विश्राम विधि के तीन चरण हैं। पहले चरण में हम अपनी श्वास का ऑब्जरवेशन करते हैं। दूसरे चरण में श्वास का पेट की मांसपेशियों के साथ सिंक्रोनाइज़ेशन करते हैं। और तीसरे…

आई आर टी अर्थात इन्स्टेन्ट रिलैक्सेशन टेक्नीक (त्वरित विश्राम विधि)

आई.आर.टी. (त्वरित विश्राम विधि) की विधि श्वसन में पीठ के बल लेट जाएं। दोनों एड़ियों के बीच लगभग 1 से 1½ फीट की दूरी रखें। अभ्यास प्रारंभ करने के लिए एड़ियों को आपस में मिलाएं, दोनों हथेलियां जंघा को स्पर्श करती हुई रखें, आंखें कोमलता से बंद रखें तथा पूरा…

विपरीत करणी

विपरीत करनी की विधि 01 पीठ के बल सीधे लेट जाएं और दोनों पैरों को 90 डिग्री तक ऊपर उठाएं। चाहें तो इस आसन को दीवार के सहारे भी कर सकते हैं। इसके लिए दाएं कूल्हे को दीवार से सटाकर पैरों को दीवार के सहारे सीधा ऊपर रखें। 02 दोनों…

उत्तान पादासन

उत्तानपादासन की विधि 01 पीठ के बल बिल्कुल सीधे लेट जाएं। दोनों पैरों को आपस में मिलाकर रखें और हाथों को शरीर के बगल में रखें, हथेलियां फर्श की ओर रहें। 02 सांस लेते हुए दोनों पैरों को धीरे-धीरे बिना मोड़े लगभग 60 डिग्री तक ऊपर उठाएं। 03 पैरों को…