🌐 Language

Select your Preferred Language to Enter the Website

वेबसाइट में प्रवेश करने के लिए अपनी पसंदीदा भाषा का चयन करें

आई आर टी अर्थात् इन्स्टेन्ट रिलैक्सेशन टेक्नीक त्वरित विश्राम विधि

आई.आर.टी. (त्वरित विश्राम विधि) की विधि

  • 01
    शवासन में पीठ के बल लेट जाएं। दोनों एड़ियों के बीच लगभग 1 से 1½ फीट की दूरी रखें। अभ्यास प्रारंभ करने के लिए एड़ियों को आपस में मिलाएं, हथेलियां जांघों को स्पर्श करती रहें, आंखें कोमलता से बंद रखें और शरीर को सीधी रेखा में रखें।
  • 02
    अपना ध्यान पैरों के अंगूठों पर केंद्रित करें और क्रमशः पैरों के अंगूठों, एड़ियों, पिंडलियों, घुटनों, जांघों तथा नितम्बों में कसाव दें।
  • 03
    श्वास छोड़ते हुए पेट की मांसपेशियों को अंदर की ओर खींचें। दोनों हाथों की मुट्ठियां बनाकर हाथों को नीचे की ओर खींचें।
  • 04
    गहरी श्वास भरें, छाती को फैलाएं और कुछ क्षण श्वास रोकें। गर्दन, ठुड्डी, दांतों और पूरे चेहरे की मांसपेशियों में कसाव दें तथा अंत में पूरे शरीर को अधिकतम कसाव दें।
  • 05
    अब श्वास छोड़ें, दोनों पैरों के बीच पुनः 1 से 1½ फीट की दूरी बनाएं। दोनों हाथों को कमर से लगभग 6 इंच की दूरी पर रखें और पूरे शरीर को पूरी तरह ढीला छोड़ दें।
  • 06
    शरीर की प्रत्येक कोशिका में पूर्ण विश्राम, शिथिलता, आनंद और गहरी शांति का अनुभव करें।
  • 07
    वापस आने के लिए एड़ियों को धीरे से मिलाएं। दाहिने हाथ को सिर के ऊपर ले जाएं, बाएं पैर को मोड़ें, दाहिनी करवट लें, बाएं हाथ का सहारा लेकर बैठ जाएं। शिथिल दंडासन में कुछ क्षण विश्राम करें और फिर सुखासन, पद्मासन या वज्रासन में बैठकर धीरे-धीरे आंखें खोलें।

आई.आर.टी. (त्वरित विश्राम विधि) के लाभ

  • पूरे शरीर की मांसपेशियों को गहरा विश्राम प्रदान करती है।
  • तनाव, थकान और मानसिक दबाव को कम करती है।
  • तंत्रिका तंत्र (Nervous System) को शांत एवं संतुलित करती है।
  • एकाग्रता, मानसिक शांति और आंतरिक स्थिरता बढ़ाती है।
  • शरीर और मन दोनों को गहरी विश्रांति का अनुभव कराती है।
  • योगाभ्यास के बाद शरीर को सामान्य अवस्था में लाने में सहायक है।

किन स्थितियों में लाभकारी / सहायक

  • तनाव (Stress) एवं चिंता (Anxiety) में विशेष रूप से लाभकारी।
  • मानसिक एवं शारीरिक थकान दूर करने में सहायक।
  • अनिद्रा (Insomnia) में लाभकारी।
  • उच्च मानसिक तनाव एवं डिप्रेशन में सहायक।
  • उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में सहायक विश्राम तकनीक।
  • योगाभ्यास के बाद रिकवरी एवं पूर्ण विश्राम के लिए उपयोगी।

निषेध / सावधानियाँ

  • यदि पीठ, गर्दन या रीढ़ में गंभीर दर्द हो तो अभ्यास योग विशेषज्ञ के मार्गदर्शन में करें।
  • गर्भावस्था या किसी गंभीर बीमारी की स्थिति में चिकित्सक अथवा योग विशेषज्ञ की सलाह लें।
  • अभ्यास के दौरान शरीर को जबरदस्ती कसाव न दें, अपनी क्षमता के अनुसार ही करें।

Tip

पहले पूरे शरीर को क्रमवार कसाव दें और फिर पूरी तरह ढीला छोड़ दें। विश्राम के दौरान केवल अपनी श्वास और शरीर में हो रहे शिथिलता के अनुभव पर ध्यान केंद्रित रखें।

Need Expert Guidance?

Our yoga experts are here to help you practice correctly and safely for maximum benefits.

Book an Appointment