एम एस आर टी (माइंड साउंड रेसोनेंस तकनीक)
MSRT अभ्यास – नौ चरण
MSRT का अभ्यास हम नौ चरणों में पूरा करते हैं ।
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01
संकल्प के साथ प्रारंभिक प्रार्थना । -
02
A U M चैंटिंग के तीन तीन राउंड । -
03
A U M चैंटिंग- के आहता और अनाहता के तीन तीन राउंड – (आहता का अर्थ ध्वनि के साथ और अनाहता बिना ध्वनि के केवल मन में ) । -
04
महा मृतुन्जय मंत्र चैंटिंग के तीन राउंड । -
05
महा मृतुन्जय मंत्र के आहता और अनाहता के तीन तीन राउंड । -
06
AUM की अनहता चैंटिंग के तीन राउंड । -
07
शान्ति से चैंटिंग से उत्पन्न गूँज और तरंगों का शरीर के एक एक भाग, एक एक कोशिका में हुए परिवर्तन का अनुभव । -
08
संकल्प दोहराना – 9 बार । -
09
समापन शान्ति प्रार्थना ।
प्रारंभ करने के लिए
- शवासन में लेट जायें या कुर्सी पर आराम से बैठ जायें , शरीर सीधा रखते हुए विल्कुल ढीला छोड दें । आंखें कोमलता से बंद ।
- अपना ध्यान आती जाती सांसों पर केन्द्रित करें । हर आती हुई सांस के साथ शरीर में उर्जा का प्रवाह महसूस करें और जाती हुई सांस में शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर निकलते हुए अनुभव करें । धीरे धीरे आती जाती सांसों में समरूपता बनाएं ।
- अपने मन में एक संकल्प करें । इस संकल्प को किसी को भी बताए नहीं, गुप्त रखें । संकल्प छोटा सुस्पष्ट और सटीक होना चाहिये ।
पहला चरण
1. महा मृतुन्जय मंत्र का पाठ करें
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
मंत्र पाठ से उत्पन्न हुई तरंगों को अपने शरीर में महसूस करते हुए अपने मन में इस मंत्र के अर्थ का विचार करें : –
मैं त्रिनेत्र की शरण लेता हूं जो सुगन्धित हैं और सभी का पोषण करने वाले हैं । जिस प्रकार एक फल पकने के बाद अपनी लता या वृक्ष के बंधन से मुक्त हो जाता है, उसी प्रकार मैं भी म्रत्यु और नश्वरता से मुक्त हो जाऊं ।
दूसरा चरण – राउंड 1 (2a)
2a. अपना ध्यान शरीर के निचले भाग – पैर के निचले भाग से कमर के निचले भाग तक ले जायें ।
अब ओउम के अकारा की चैंटिंग करें
अ …………………………………………………………………………..
अकारा की ध्वनि से उत्पन्न हुई गूँज और तरंगों का प्रभाव अपने शरीर के नाभी से नीचे के हिस्से में महसूस करें ।
अब अपना ध्यान शरीर के मध्य भाग – कमर से कंधों तक ले जायें ।
ओउम के उकारा की चैंटिंग करें
उ ………………………………………………………………………………
उकारा की ध्वनि से उत्पन्न हुई गूँज और तरंगों का प्रभाव अपने शरीर के मध्य भाग – नाभि से गले तक में महसूस करें ।
अब अपना ध्यान शरीर के ऊपरी हिस्से – गर्दन से सिर तक ले जायें ।
ओउम के मकारा (उं) की चैंटिंग करें
उं……………………………………………………………………………………………..
मकारा की ध्वनि से उत्पन्न हुई गूँज और तरंगों का प्रभाव अपने शरीर के उपरी भाग गर्दन से ऊपर सर तक में महसूस करें ।
अब अपना ध्यान पूरे शरीर पर केन्द्रित करें
ओउम के तीनों कारा अ उ उं (म) की चैनटिंग करें
ओ ……………………………उ ………………………………..म (उं) ………………………
ओउम कारा की ध्वनि से उत्पन्न हुई गूँज और तरंगों का प्रभाव अपने पूरे शरीर में पैर के अंगूठे से लेकर सर तक में महसूस करें ।
दूसरा चरण – राउंड 2 (2b)
2b. इन्हीं क्रियाओं का दूसरा राउंड करें
अ …………………………………………………………………………
अकारा की ध्वनि से उत्पन्न हुई गूँज और तरंगों का प्रभाव अपने शरीर के नाभी से नीचे के हिस्से में महसूस करें ।
अब ओउम के उकारा की चैनटिंग करें
उ ………………………………………………………………………………
उकारा की ध्वनि से उत्पन्न हुई गूँज और तरंगों का प्रभाव अपने शरीर के मध्य भाग – नाभि से गले तक में महसूस करें ।
अब ओउम के मकारा की चैनटिंग करें
उं……………………………………………………..
मकारा की ध्वनि से उत्पन्न हुई गूँज और तरंगों का प्रभाव अपने शरीर के उपरी भाग गर्दन से ऊपर सर तक में महसूस करें ।
अब ओउम के अ उ म (उं) की चैनटिंग करें
अ ……………………………ऊ ………………………………….उं ………………………
ओउम अकारा की ध्वनि से उत्पन्न हुई गूँज और तरंगों का प्रभाव अपने पूरे शरीर में पैर के अंगूठे से लेकर सर तक शरीर के हर भाग में महसूस करें ।
दूसरा चरण – राउंड 3 (2c)
2c. इन्हीं क्रियाओं का तीसरा राउंड करें
अ …………………………………………………………………………..
अकारा की ध्वनि से उत्पन्न हुई गूँज और तरंगों का प्रभाव अपने शरीर के नाभी से नीचे के हिस्से में महसूस करें ।
अब ओउम के उकारा की चैंटिंग करें
ऊ ………………………………………………………………………………
ओकारा की ध्वनि से उत्पन्न हुई गूँज और तरंगों का प्रभाव अपने शरीर के मध्य भाग – नाभि से गले तक में गहराई से महसूस करें ।
अब ओउम के मकारा की चैनटिंग करें
उं…………………………………………………
मकारा की ध्वनि से उत्पन्न हुई गूँज और तरंगों का प्रभाव अपने शरीर के उपरी भाग गर्दन से ऊपर सर तक में महसूस करें ।
अब ओउम के अ उ म (उं) की चैनटिंग करें
अ ……………………………ऊ ………………………………….उं ………………………
अकारा की ध्वनि से उत्पन्न हुई गूँज और तरंगों का प्रभाव अपने पूरे शरीर में पैर के अंगूठे से लेकर सर तक शरीर के हर भाग में गहराई से महसूस करें और शरीर का हर भाग पूरी तरेह से रिलैक्स हुआ महसूस करें ।
तीसरा चरण – राउंड 1 (3a)
3A. यही क्रिया आहता और अनाहता के क्रम में करेंगे आहता में आवाज़ के साथ और अनाहता में बिना आवाज़ के मन में ही इनकी चैंटिंग करें ।
अब अपना ध्यान शरीर के निचले हिस्से – पैर से कमर तक पर ले जायें ।
ओउम के अकारा की आहता चैनटिंग करें
अ …………………………………………………………………………..
अकारा की ध्वनि से उत्पन्न हुई गूँज और तरंगों का प्रभाव अपने शरीर के पैर के अंगूठे से लेकर नाभी से नीचे के हिस्से तक में महसूस करें ।
अब ओउम के अकारा की अनाहता चैनटिंग केवल अपने मन में करें (ध्वनि अन्दर ही अन्दर अनुभव करें, आवाज़ ने निकालें ।
अ …………………………………………………………………………..
आकारा की ध्वनि से उत्पन्न हुई गूँज और तरंगों का प्रभाव अपने शरीर के नाभी से नीचे के हिस्से में महसूस करें ।
अब अब अपना ध्यान शरीर के मध्य भाग – कमर से गर्दन तक ले जायें ।
ओउम के उकारा की आहता चैनटिंग ध्वनि के साथ करें
उ ………………………………………………………………………………
उकारा की ध्वनि से उत्पन्न हुई गूँज और तरंगों का प्रभाव अपने शरीर के मध्य भाग – नाभि से गले तक में महसूस करें ।
अब ओउम के उकारा की अनाहता चैनटिंग बिना ध्वनि के करें
उ ………………………………………………………………..
ओकारा की ध्वनि से उत्पन्न हुई गूंज और तरंगों का प्रभाव अपने शरीर के मध्य भाग – नाभि से गले तक में महसूस करें ।
अब अब अपना ध्यान शरीर के ऊपरी हिस्से – गर्दन से सिर तक ले जायें ।
ओउम के मकारा की आहता चैनटिंग ध्वनि के साथ करें
उं………………………………………………..
मकारा की ध्वनि से उत्पन्न हुई गूँज और तरंगों का प्रभाव अपने शरीर के उपरी भाग गर्दन से ऊपर सर और मष्तिस्क तक में महसूस करें ।
अब ओउम के मकारा की अनाहता चैंटिंग बिना ध्वनि के केवल मन में करें
उं………………………………………………………
मकारा की ध्वनि से उत्पन्न हुई गूँज और तरंगों का प्रभाव अपने शरीर के उपरी भाग गर्दन से ऊपर सर तक में महसूस करें ।
अब अब अपना ध्यान पूरे शरीर पर केन्द्रित करें ।
ओउम के अ उ म की आहता चैनटिंग ध्वनि के साथ करें
ओ ……………………………ऊ ………………………………….उं ………………………
ओउम कारा की ध्वनि से उत्पन्न हुई गूँज और तरंगों का प्रभाव अपने पूरे शरीर में पैर के अंगूठे से लेकर सर तक में महसूस करें ।
अब ओउम के ओ उ म की अनाहता चैनटिंग बिना ध्वनि के केबल मन में करें
ओ ……………………………उ ………………………………….उं ………………………
ओकारा की ध्वनि से उत्पन्न हुई गूँज और तरंगों का प्रभाव अपने पूरे शरीर में पैर के अंगूठे से लेकर सर तक शरीर के हर अंग , हर कोशिका में गहराई से महसूस करें ।
तीसरा चरण – राउंड 2 (3b)
3b. इन्हीं क्रियाओं का दूसरा राउंड करें ।
अ की आहता चैंटिंग
अ …………………………………………………………………………..
ओकारा की ध्वनि से उत्पन्न हुई गूँज और तरंगों का प्रभाव अपने शरीर के नाभी से नीचे के हिस्से में महसूस करें ।
अ की अनाहता चैंटिंग करें
अ …………………………………………………………………………..
ओकारा की ध्वनि से उत्पन्न हुई गूँज और तरंगों का प्रभाव अपने शरीर के नाभी से नीचे के हिस्से में महसूस करें ।
अब ओउम के उकारा की आहता चैंटिंग करें
उ ………………………………………………………………………………
उकारा की ध्वनि से उत्पन्न हुई गूँज और तरंगों का प्रभाव अपने शरीर के मध्य भाग – नाभि से गले तक में महसूस करें ।
अब ओउम के उकारा की अनाहता चैंटिंग करें
उ………………………………………………………………………………
ओकारा की ध्वनि से उत्पन्न हुई गूँज और तरंगों का प्रभाव अपने शरीर के मध्य भाग – नाभि से गले तक में महसूस करें ।
अब ओउम के मकारा की आहता चैनटिंग करें
उं…………………………………………………………
मकारा की ध्वनि से उत्पन्न हुई गूँज और तरंगों का प्रभाव अपने शरीर के उपरी भाग गर्दन से ऊपर सर तक में महसूस करें ।
अब ओउम के मकारा की अनाहता चैंटिंग करें
उं……………………………………………………………………………………………..
मकारा की ध्वनि से उत्पन्न हुई गूँज और तरंगों का प्रभाव अपने शरीर के उपरी भाग गर्दन से ऊपर सर तक में महसूस करें ।
अब ओउम के ओ उ म (उं) की आहता चैंटिंग करें
ओ ……………………………उ ………………………………….म ………………………
अकारा की ध्वनि से उत्पन्न हुई गूँज और तरंगों का प्रभाव अपने पूरे शरीर में पैर के अंगूठे से लेकर सर तक में महसूस करें ।
अब ओउम के अ ऊ म (उं) की आनाहता चैंटिंग करें
अ ……………………………ऊ ………………………………….उं ………………………
ओउम कारा की ध्वनि से उत्पन्न हुई गूँज और तरंगों का प्रभाव अपने पूरे शरीर में पैर के अंगूठे से लेकर सर तक में महसूस करें ।
तीसरा चरण – राउंड 3 (3c)
अ …………………………………………………………………………..
अकारा की ध्वनि से उत्पन्न हुई गूँज और तरंगों का प्रभाव अपने शरीर के नाभी से नीचे के हिस्से में महसूस करें ।
अ की अनाहाता चैंटिंग
अ …………………………………………………………………………..
आकारा की ध्वनि से उत्पन्न हुई गूँज और तरंगों का प्रभाव अपने शरीर के नाभी से नीचे के हिस्से में महसूस करें ।
अब ओउम के उकारा की अहाता चैंटिंग करें
उ ………………………………………………………………………………
ओकारा की ध्वनि से उत्पन्न हुई गूँज और तरंगों का प्रभाव अपने शरीर के मध्य भाग – नाभि से गले तक में महसूस करें ।
अब ओउम के उकारा की अनाहाता चैंटिंग करें
उ ……………………………………………………..
ओकारा की ध्वनि से उत्पन्न हुई गूँज और तरंगों का प्रभाव अपने शरीर के मध्य भाग – नाभि से गले तक में महसूस करें ।
अब ओउम के मकारा की आहता चैनटिंग करें
उं………………………………………..
मकारा की ध्वनि से उत्पन्न हुई गूँज और तरंगों का प्रभाव अपने शरीर के उपरी भाग गर्दन से ऊपर सर तक में महसूस करें ।
अब ओउम के मकारा की अनाहता चैंटिंग करें
उं……………………………………………
मकारा की ध्वनि से उत्पन्न हुई गूँज और तरंगों का प्रभाव अपने शरीर के उपरी भाग गर्दन से ऊपर सर तक में महसूस करें ।
अब ओउम के अ ऊ म (उं) की आहाता चैंटिंग करें
अ ……………………………उ ………………………………….उं ………………………
ओउम कारा की ध्वनि से उत्पन्न हुई गूँज और तरंगों का प्रभाव अपने पूरे शरीर में पैर के अंगूठे से लेकर सर तक में महसूस करें ।
अब ओउम के अ ऊ म (उं) की अनाहता चैंटिंग करें
अ ……………………………उ ……… ………………………….उं ………………………
ओउम कारा की ध्वनि से उत्पन्न हुई गूँज और तरंगों का प्रभाव अपने पूरे शरीर में पैर के अंगूठे से लेकर सर तक में महसूस करें ।
चौथा चरण
4a. महा मृतुन्जय मंत्र का पाठ करें :
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
मंत्र से उत्पन्न गूँज और तरंगों को शरीर के हर भाग में अनुभव करें
महा मृतुन्जय मंत्र का दूसरा पाठ करें :
4b.
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
मंत्र से उत्पन्न गूँज और तरंगों को शरीर के हर भाग में अनुभव करें ।
महा मृतुन्जय मंत्र का तीसरा पाठ करें :
4c.
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
मंत्र से उत्पन्न गूँज और तरंगों को शरीर के हर भाग में अनुभव करें ।
पांचवां चरण
5a. महा मृतुन्जय मंत्र का आहता पाठ करें :
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
मंत्र से उत्पन्न गूँज और तरंगों को शरीर के हर भाग में अनुभव करें ।
महा मृतुन्जय मंत्र का अनाहता पाठ करें :
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
मंत्र से उत्पन्न गूँज और तरंगों को शरीर के हर भाग में अनुभव करें ।
महा मृतुन्जय मंत्र का दूसरा आहता पाठ करें :
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
मंत्र से उत्पन्न गूँज और तरंगों को शरीर के हर भाग में अनुभव करें ।
महा मृतुन्जय मंत्र का दूसरा अनाहता पाठ करें :
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
मंत्र से उत्पन्न गूँज और तरंगों को शरीर के हर भाग में अनुभव करें ।
महा मृतुन्जय मंत्र का तीसरा आहता पाठ करें :
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
मंत्र से उत्पन्न गूँज और तरंगों को शरीर के हर भाग में अनुभव करें ।
महा मृतुन्जय मंत्र का तीसरा अनाहता पाठ करें :
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
मंत्र से उत्पन्न गूँज और तरंगों को शरीर के हर भाग में अनुभव करें ।
छठा चरण
6a. A U M की अनाहता चैंटिंग करें (पहला राउंड)
अ ………………………………………………….
उत्पन्न तरंगों का प्रभाव अनुभव करें ।
उ ……………………………………………………….
उत्पन्न तरंगों का अनुभव करें ।
म (उं) ……………………………………………………………..
उत्पन्न तरंगों का अनुभव करें ।
आ………………………… ओ……………………… उं……………………..
उत्पन्न तरंगों का अनुभव करें ।
दूसरा आनाहता राउंड
अ ………………………………………………….
उत्पन्न तरंगों का अनुभव करें ।
उ ……………………………………………………….
उत्पन्न तरंगों का अनुभव करें ।
म (उं) ……………………………………………………………..
उत्पन्न तरंगों का अनुभव करें ।
आ………………………… ओ……………………… उं……………………..
उत्पन्न तरंगों का अनुभव करें ।
तीसरा आनाहता राउंड
अ ………………………………………………….
उत्पन्न तरंगों का अनुभव करें ।
उ ……………………………………………………….
उत्पन्न तरंगों का अनुभव करें ।
म (उं) ……………………………………………………………..
उत्पन्न तरंगों का अनुभव करें ।
आ………………………… उ ……………………… उं……………………..
उत्पन्न तरंगों का अनुभव करें ।
सातवां चरण
पूरी गहरी शांति और सन्नाटे में शरीर का हर भाग और हर कोशिका में ध्वनि की तरंगों से उत्पन्न कम्पन को गहराई से देर तक अनुभव करें ।
आठवां चरण
अपना संकल्प अपने मन में नौ बार दोहराएं ।
नौवां चरण – समापन शान्ति प्रार्थना
ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः ।
सर्वे सन्तु निरामयाः ।
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु ।
मा कश्चित् दुःख भाग्भवेत् ।।
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिःह ।।
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