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शीतकारी प्राणायाम

शीतकारी प्राणायाम की विधि

  • 01
    सुखासन में या कुर्सी पर सीधे बैठ कर आंखें बंद करें। हाथों को घुटनों पर ज्ञान मुद्रा में रखें।
  • 02
    मुंह हल्का सा खोलें और ऊपरी व निचले दांतों को एक-दूसरे के पास लाएं, जीभ को हल्के से दांतों के पीछे लगाएं।
  • 03
    दांतों के बीच से ‘सी-सी’ (Si-Si) की हल्की आवाज़ करते हुए मुंह से धीरे-धीरे सांस अंदर लें।
  • 04
    मुंह बंद करें और धीरे-धीरे नाक से सांस बाहर छोड़ें।
  • 05
    इस अभ्यास को 10-15 बार दोहराएं।

शीतकारी प्राणायाम के लाभ

  • यह प्राणायाम गर्मियों में शरीर की अतिरिक्त गर्मी को कम करता है।
  • शरीर में पित्त को कम करने में सहायक है।
  • तनाव, चिंता और हाई ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करता है।
  • अत्यधिक प्यास और भूख को कम करने में सहायक है।
  • शरीर को शांत करके पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है।

किन रोगों में लाभकारी / सहायक

  • हाई ब्लड प्रेशर में सहायक।
  • तनाव और चिंता की स्थिति में लाभकारी।
  • शरीर की अतिरिक्त गर्मी और पित्त बढ़ने की स्थिति में लाभकारी।
  • अत्यधिक प्यास लगने की समस्या में सहायक।
  • अत्यधिक भूख लगने की समस्या में सहायक।
  • पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में सहायक।

निषेध / सावधानियाँ

  • सर्दी होने पर इसे न करें।
  • खांसी होने पर इसे न करें।
  • अस्थमा होने पर इसे न करें।
  • लो ब्लड प्रेशर होने पर इसे न करें।
  • दांतों में Sensitivity होने पर इसे न करें।

Tip

अभ्यास हमेशा शांत वातावरण में करें और सांस को बिना किसी जोर के सहज गति से लें एवं छोड़ें।

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