🌐 Language

Select your Preferred Language to Enter the Website

वेबसाइट में प्रवेश करने के लिए अपनी पसंदीदा भाषा का चयन करें

उज्जयी प्राणायाम

उज्जायी प्राणायाम की विधि

  • 01
    सुखासन में या कुर्सी पर बैठ कर आंखें बंद करें ।
  • 02
    अपना ध्यान गले के कंठ क्षेत्र पर केंद्रित करें। मुंह बंद रखते हुए स्वर यंत्र के मुख को थोड़ा सिकोड़ें।
  • 03
    नाक से गहरी, धीमी और लयबद्ध श्वास लें। सांस लेते समय गले से ‘हिसिंग’ (s-s-s) या समुद्र की लहरों जैसी हल्की आवाज आनी चाहिए।
  • 04
    सांस को धीरे-धीरे नाक से ही छोड़ें। सांस छोड़ते समय भी गले से ‘हिसिंग’ (s-s-s) या समुद्र की लहरों जैसी हल्की आवाज आनी चाहिए।
  • 05
    इसे 5-10 मिनट करें।

उज्जायी प्राणायाम के लाभ

  • यह प्राणायाम गले की मांसपेशियों को सक्रिय करता है, जिससे थायराइड और पैराथाइरॉइड ग्रंथियों को लाभ होता है।
  • मन को शांत करता है और तनाव व चिंता को कम करता है।
  • रक्त संचार और फेफड़ों की कार्यक्षमता को बेहतर बनाता है।
  • गले की मांसपेशियों को मजबूत कर खर्राटों की समस्या को कम करने में सहायता करता है।

Need Expert Guidance?

Our yoga experts are here to help you practice correctly and safely for maximum benefits.

Book an Appointment