भ्रस्त्रिका प्राणायाम
भस्त्रिका प्राणायाम की विधि
-
01
सुखासन में बैठें। रीढ़ की हड्डी सीधी रखें, आंखें बंद करें और हाथों को घुटनों पर ज्ञान मुद्रा में (इंडेक्स फिंगर और अंगूठे के टिप्स को एक दूसरे से छूता हुआ) रखें। -
02
धीरे धीरे गहरी सांस लें, फेफड़ों को अच्छी तरह से पूरा भरें, अपनी क्षमता के अनुसार कुछ सेकंड रुकें। स्वस्थ अवस्था में झटके से और रोग अवस्था में धीरे धीरे सांस छोड़ें। -
03
5 से 10 मिनट या अपेक्षित समय तक इसी प्रकार करें ।
भस्त्रिका प्राणायाम के लाभ
- यह प्राणायाम शरीर को सक्रिय और ऊर्जावान बनाता है।
- दमा, ब्रोंकाइटिस और सांस की समस्याओं में राहत देता है।
- शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है।
- Metabolism सुधारता है, जिससे वजन कम करने में मदद मिलती है।
Need Expert Guidance?
Our yoga experts are here to help you practice correctly and safely for maximum benefits.
Book an Appointment