बिना दवाइयों के ब्लड प्रेशर का उपचार

Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Ut elit tellus, luctus nec ullamcorper mattis, pulvinar dapibus leo.उच्च रक्तचाप कितना गंभीर है?

उच्च रक्तचाप (BP) को अक्सर साइलेंट किलर कहा जाता है।
इसका कारण यह है कि लोगों को इसके कोई स्पष्ट लक्षण महसूस नहीं होते, लेकिन यह धीरेधीरे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों (धमनियों, हृदय, मस्तिष्क, किडनी और आँखों ) को गम्भीर नुकसान पहुँचाता रहता है जिससे कालांतर में गंभीर समस्याएँ हो सकती हैं, जैसे

  • हृदयाघात (Heart Attack)
  • स्ट्रोक
  • किडनी फेल होना
  • आँखों की नसों में सूजन या दृष्टि हानि
  • समय से पहले मृत्यु

क्योंकि यह नुकसान धीरेधीरे और बिना लक्षण के होता है, इसलिए लोगों को बीमारी का पता तब चलता है जब समस्या गंभीर हो चुकी होती है।


रक्तचाप से जुड़े सामान्य तथ्य

  • लगभग 67% लोगों को यह पता ही नहीं होता कि उन्हें उच्च रक्तचाप है।
  • पता चलने के बाद भी अधिकांश लोग अपनी जीवनशैली नहीं बदलते।
  • केवल लगभग 20% मरीज नियमित दवाइयाँ लेते हैं।
  • और उनमें से केवल 10% लोगों का BP सही तरीके से नियंत्रित हो पाता है।

इससे स्पष्ट है कि जागरूकता और जीवनशैली में सुधार ही BP नियंत्रण का सबसे महत्वपूर्ण उपाय है।


उच्च रक्तचाप के प्रमुख कारण

आज की जीवनशैली से जुड़ी कई आदतें BP बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, जैसे

  • शारीरिक गतिविधि की कमी (आरामदायक जीवन)
  • देर रात तक जागना और अनियमित दिनचर्या
  • अनियमित समय या असमय  भोजन करना
  • तनाव का सही प्रबंधन करना
  • शराब, तंबाकू और धूम्रपान का सेवन
  • भोजन में अम्लक्षार (Acid–Alkaline) संतुलन का अभाव
  • नमक और चीनी का अधिक सेवन
  • रिफाइंड खाद्य पदार्थों का सेवन  – जैसे रिफाइंड शुगर, रिफाइंड नमक, रिफाइंड तेल, मैदा, पॉलिश्ड चावल, दालें आदि
  • तले हुए भोजन, प्रोसेस्ड और पैकेज्ड खाद्य पदार्थ, जिनमें रसायन, प्रिज़र्वेटिव और एडिटिव्स होते हैंजैसे रेडीटूईट, संरक्षित खाद्य पदार्थ, नमकीन, बेकरी उत्पाद आदि

रक्तचाप का रोग शारीरिक विज्ञान :    

हमारी सभी रक्त वाहिकाओं की अंदरूनी सतह पर एक अत्यंत पतली कोशिकीय परत होती है जिसे एंडोथीलियम (Endothelium) कहा जाता है । यह परत एक महत्वपूर्ण रसायन नाइट्रिक ऑक्साइड Nitric Oxide – (NO) बनाती है जिसकी  ब्लड प्रेशर के नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका होती है ।

Nitric Oxide – (NO) के कार्य

  • रक्त और धमनियों की दीवार के बीच सुरक्षात्मक अवरोध का काम करता है
  • आवश्यक पोषक तत्वों और गैसों के आदानप्रदान को नियंत्रित करता है

  • रक्त वाहिकाओं के फैलाव और संकुचन को नियंत्रित करता  है
  • यह रक्त वाहिकाओं को लचीला और खिचाव योग्य बनाता है जिससे रक्तचाप अधिक होने पर रक्त बाहिकाएं चौडी हो जाती है और रक्त के प्रवाह के लिए ह्रदय पर कोई अतिरिक्त दवाव  नहीं पड़ता
  • इस प्रकार यह रक्त प्रवाह और रक्तचाप को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता  है

जब शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड का निर्माण कम हो जाता है, तो रक्त वाहिकाएँ कठोर और संकरी होने लगती हैं, जिससे रक्त प्रवाह में रुकावट बढ़ती है और उच्च रक्तचाप रोग विकसित हो जाता है।


रक्तचाप और दवाइयाँ

BP का उपचार किसी भी दवा से नहीं किया जा सकता ।

डॉक्टर इसे मैनेज करने के लिए केवल जीवन पर्यंत दवाओं पर रखते हैं और समय समय पर आवश्यकतानुसार दवाओं को समायोजित (adjust ) करते रहते हैं । 

ये दवाएं ह्रदय को कमज़ोर करती हैं जिससे ह्रदय अपनी सामान्य क्षमता से न धड

क कर कम क्षमता से धडकता है और कालांतर में अन्य गम्भीर समस्याओं का जन्म होता है ।

यह समझना आवश्यक है कि उच्च रक्तचाप मुख्यतः जीवनशैली से जुड़ी बीमारी है इसलिए इसका एकमात्र उपचार जीवन  शैली में सुधार है ; उसके  अलावा और  कोई नहीं

इसलिए वास्तविक उपचार  के लिए निम्न बातें अत्यंत महत्वपूर्ण हैं

  • संतुलित आहार
  • नियमित व्यायाम
  • तनाव नियंत्रण
  • शरीर का उचित वजन बनाए रखना

यदि BP बहुत अधिक हो तो कुछ समय के लिय दवाओं का उपयोग  आवश्यक हो सकता है,

दवाओं में भी हमारे विचार में उनके साइड इफ़ेक्ट के कारण एलोपैथी की अपेक्षा होम्योपैथी  या आयुर्वेद का सहारा लेना अधिक उपयुक्त होगा

लेकिन स्थायी नियंत्रण के लिए जीवनशैली सुधार सबसे महत्वपूर्ण और एक मात्र आधार है।


रक्तचाप को स्वाभाविक रूप से उपचार  करने के उपाय

स्वस्थ वजन बनाए रखें

अधिक वजन हृदय और रक्त वाहिकाओं पर अतिरिक्त दबाव डालता है।
केवल 10% वजन कम करने से भी BP में महत्वपूर्ण सुधार हो सकता है।


ऐसा भोजन जो BP को संतुलित रखे

कुछ खाद्य पदार्थ शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड बनने में सहायता करते हैं और शरीर का अम्लक्षार संतुलन बनाए रखते हैं।

इन्हें अपने नियमित आहार में इन्हें अपनाएं।


हरी पत्तेदार सब्जियाँ और जड़ वाली सब्जियाँ

पालक, सलाद पत्ता, बथुआ , मेथी , चुकंदर, गाजर, मूली, शलजम आदि में प्राकृतिक नाइट्रेट प्रचुर मात्रा में होता है, जो शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड बनाता है (NO का प्रणेता Precursor है ) ।

कच्चे सलाद का नियमित सेवन विशेष रूप से लाभकारी है, सलाद में कुछ पत्ते वाली चीज़े भी अवश्य शामिल करें क्योंकि इनमें नाइट्रेट प्रचुर मात्र में होता है ।


साइट्रस फल

संतरा, नींबू और चकोतरा में विटामिन C भरपूर मात्रा में होता है, जो शरीर में पोषक तत्वों के बेहतर अवशोषण में मदद करता है।


अन्य उपयोगी फल

·       ऑवला

  • अनार
  • तरबूज
  • अंगूर
  • चेरी

इनमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट हृदय और रक्त वाहिकाओं के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होते हैं।


लहसुन और मेवे

लहसुन, बादाम, अखरोट और सूरजमुखी के बीज हृदयस्वास्थ्य के लिए अच्छे होते  हैं।

  • लहसुन (एक काली वाला ) को थोड़ी मात्रा में कच्चा ही लेना चाहिय, मसाले के रूप में इसके अधिकांश औषधीय  गुण नष्ट हो जाते हैं.।
  • मेवों को रात भर भिगोकर खाना अधिक लाभकारी होता है।

साबुत अनाज और मोटे अनाज

अपने आटे में साबुत अनाज (चोकर सहित) और मोटे अनाज शामिल करें, जैसे

  • बाजरा
  • ज्वार
  • जौ
  • चना
  • मक्का

फाइबर युक्त भोजन शरीर के चयापचय और रक्त संचार को बेहतर बनाता है।


नमक का सेवन नियंत्रित करें

अधिक नमक उच्च रक्तचाप का एक प्रमुख कारण है ।

इसलिए

  • नमक का सेवन सीमित करें  ;  जिसका सबसे अच्छा तरीका है अपने तीन भोजनों (नाश्ता , लंच और डिनर ) में से नाश्ता और डिनर में केवल सलाद ,फल छाछ या दूध आदि  ही लें |
  • प्राकृतिक खाद्य पदार्थों और फलों का सेवन बढ़ाएँ
  • साधारण नमक की  जगह सेंधा नमक या टाटा सुपर लाइट 30 का उपयोग करें इसमें 70% सोडियम क्लोराइड और 30% पोटेशियम क्लोराइड होता है ; लेकिन इसे अपनाने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि परिवार में किसी भी व्यक्ति को किडनी से सम्बंधित कोई रोग न हो क्योंकि किडनी सम्बंधित रोगों में पोटैशियम क्लोराइड बहुत हानिकारक होता है |

किन चीजों से बचें

  • तले हुए भोजन
  • मैदा और रिफाइंड खाद्य पदार्थ
  • जंक फूड
  • पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड
  • शराब और तंबाकू

नियमित व्यायाम

रक्तचाप नियंत्रण के लिए नियमित शारीरिक गतिविधि अत्यंत आवश्यक है।

व्यायाम तीन प्रकार के होते हैं और यह तीनों ही हमारे लिए आवश्यक होते हैं

  • एरोबिक व्यायाम
  • डायनेमिक व्यायाम
  • आइसोमेट्रिक व्यायाम

आप या तो यह तीनों प्रकार के व्यायाम करें या

  • प्रतिदिन 8000–10000 कदम तेज़ टहलना  ‘
  • योगासन
  • प्राणायाम  
    इन तीन के संयुक अभ्यास में तीनों प्रकार के व्यायाम सन्नहित हैं और कुछ अतिरिक्त लाभ भी हैं

 

ये सभी अभ्यास रक्त संचार को बेहतर बनाते हैं, तनाव कम करते हैं और हृदय को स्वस्थ रखते हैं।


अधिक जानकारी के लिए योग, प्राणायाम, प्राकृतिक उपाय और जीवनशैली मार्गदर्शन हेतु देखें:

www.swasthyabhandar.inTop of Form

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