जब किसी ज्ञान का व्यवसायीकरण कर दिया जाता है, तो वह अपने कुछ अंतर्निहित महत्वपूर्ण लाभों और मूल्यों को खो देता है। दुर्भाग्य से, चिकित्सा विज्ञान भी इसका अपवाद नहीं है। व्यावसायीकरण की सीमा यह है कि विभिन्न दवा कंपनियों (यानी, कॉरपोरेट्स) द्वारा किए जाने वाले अधिकांश महत्वपूर्ण चिकित्सा अनुसंधानों का प्राथमिक उद्देश्य लाभ कमाना है। इस कॉर्पोरेट दुनिया की प्रभावशीलता सभी को अच्छी तरह से पता है, और यह सरकार द्वारा बनाई गई नीतियों पर भी हावी है।

कुल मिलाकर, इस तरह से बनाई गई नीतियों ने हमारी जीवनशैली पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है और कई तथाकथित असाध्य बीमारियों को जन्म दिया है जैसे कि कैंसर, विभिन्न हृदय रोग, मधुमेह, गठिया, ऑस्टियोपोरोसिस, अस्थमा, हेपेटाइटिस, यकृत का सिरोसिस किडनी फेलियर और अल्सर,आदि। यहां तक कि चिकित्सा केंद्रों पर भी, व्यावसायीकरण के परिणामस्वरूप सर्जरी का सुझाव दिया जाता है (भले ही व्यक्ति उनसे बच सकता हो), अनावश्यक रूप से अस्पताल में भर्तीे करना, बीमारी का सही कारण और प्रकृति जाने बिना उपचार शुरू करना और रोगी को प्राथमिक बीमारी के दमन और उपचार के दुष्प्रभावों के कारण और अधिक जटिल बीमारियों का सामना करने के लिए छोड़ देना।

स्वास्थ्य भंडार में हम अपने ज्ञान का व्यवसायीकरण किए बिना होम्योपैथी, योग, एक्यूप्रेशर, घर पर ही कर सकने योग्य प्राकृतिक चिकित्सा, हर्बलिज्म आदि से युक्त एकीकृत उपचारों के साथ तथाकथित असाध्य या कठिन बीमारियों के लिए सबसे प्रभावकारी और किफायती उपचार सफलतापूर्वक प्रदान करते हैं।

कुछ रोग

सभी प्रकार के कैंसर

सभी प्रकार के कैंसर ब्लड कैंसर सहित सभी प्रकार के कैंसर का कैमोथैरेपी/लेज़र थैरेपी, टार्गेटेड थेरेपी आदि के बिना, घर पर ही प्रभावकारी, सस्ता और स्थाई उपचार।

हृदय के रोग
हृदय संबंधी समस्याओं जैसे एनजाइना, ब्लॉकेज, वाल्व आदि का प्रभावी और किफायती उपचार, एंजियोग्राफी/एंजियोप्लास्टी/बाईपास सर्जरी के बिना, प्राकृतिक तरीके से पूर्ण राहत प्रदान करता है।
जोड़ों और रीढ़ की हड्डी के रोग
बिना किसी सर्जरी या प्रतिस्थापन के जोड़ों और रीढ़ की हड्डी के सभी रोगों का सफल प्रबंधन, जिससे बिना किसी दर्द/नियमित कार्य में बाधा के बिना सामान्य जीवन जीने में सक्षम होना, वह भी जीवन भर दवा के बिना।
मधुमेह
कुछ ही महीनों में मधुमेह का स्थायी इलाज और पूर्ण उन्मूलन, बिना किसी आजीवन दवा के, जिससे आप सामान्य जीवन जी सकेंगे।

यकृत के रोग
फैटी लिवर से लेकर पीलिया, हेपेटाइटिस सिरोसिस, गॉल स्टोन, ट्यूमर, कैंसर और सामान्य कार्यात्मक लिवर को बहाल करने तक लिवर के सभी रोगों का सबसे प्रभावी उपचार।
फेफड़ों के रोग
अस्थमा, सीओपीडी, कैंसर सहित श्वसन तंत्र के सभी तीव्र और दीर्घकालिक रोगों का लागत प्रभावी इलाज/प्रबंधन, बिना किसी इन्हेलर के सामान्य जीवन जीने में राहत प्रदान करना।
मूत्र संस्थान के रोग
मूत्र संस्थान संबंधी सभी रोगों का बिना किसी सर्जरी के सफल, सस्ता, और सरल उपचार। जैसे किडनी के पत्थर, किडनी फेल्योर, यूरीनरी ट्रेक्ट इंफे़क्षन, फ्रेस्टेट का बढ़ना आदि।
पाचन तंत्र के रोग एवं अन्य रोग

अपच से लेकर गैस, आई बी एस, अल्सर और कैंसर तक, और अन्य जैसे कि  बुढ़ापे की समस्याएं, अवसाद , थायरॉयड और अन्य ग्रंथियां, मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र, आदि सभी रोगों का सबसे प्रभावी उपचार बिना किसी सर्जरी के।

महिलाओं के रोग
अनियमित मासिक धर्म से लेकर रजोनिवृत्ति तक की सभी समस्याओं, डिम्बग्रंथि अल्सर, गर्भाशय के आगे बढ़ने,  पीसीओयस, ट्यूमर, और कैंसर सहित सभी रोगों का सर्जरी और कीमोथेरेपी के बिना सबसे प्रभावी उपचार।
शिशु के रोग
जन्म से लेकर किशोर होने तक शिशुओं की सभी बीमारियों का सबसे प्रभावी और आरामदायक तरीके से, उपचार किसी भी परेशानी के बिना।
अंतःस्रावी ग्रंथियों के रोग

थायराइड आदि सभी हारमोन संबंधी समस्याओं का बिना किसी दुष्प्रभाव के सफल, सरल, सस्ता और स्थाई उपचार ।

आँखों के रोग
नेत्रश्लेष्मलाशोथ से लेकर ग्लूकोमा, मोतियाबिंद, ब्लेफेराइटिस, कोविड वैक्सीन के बाद की समस्याएं, सामान्य दृष्टि बहाल करना, वह भी बिना किसी सर्जरी के।

हमारे हर्बल उत्पाद

सामान्यतया हर्बलिज्म का मतलब आयुर्वेदिक समझ लिया जाता है जबकि दोनों में थोड़ा अन्तर है।  जड़ी बूटियों का उनके प्राकृतिक रूप में उपयोग हर्बलिज्म में आता है जब कि आयुर्वेदिक दवाओं में जड़ी बूटियों को कच्चे मॉल की तरह उपयोग करके उनका प्रसंस्करण किया जाता है । जड़ी बूटियों के प्राकृतिक रूप में उनका रस, छायादार धूप में सुखा लेना, उनका पाउडर ही सम्मिलित है जो बिना किसी प्रसंस्करण के किया जाता है. उदाहरण के रूप में हम कह सकते हैं कि प्राकृतिक सब्जियों, सलाद, उबली हुई सब्ज़ी, मसाले दार सब्ज़ी और पनीर की सब्ज़ी,  या दूध और मावा, दूध से बनी मिठाइयां आदि में जो अंतर है कुछ वैसा  ही अंतर हर्बलिज्म और आयुर्वेदिक दवाओं में है. जिस प्रकार किसी रोग स्थिति में कुछ सब्जियां, फल आदि लाभप्रद और कुछ  हानिकारक हो सकती हैं;  उसी तरह रोग अवस्था में कुछ जड़ी बूटियां उस रोग के उपचार में अत्यंत सहायक होती हैं और उनके उपयोग में उन व्यक्तियों को भी कोई हानि नहीं होती है जिन्हें आयुर्वेदिक दवाओं से असुविधा होती है।

स्वास्थ्य भण्डार के सभी उत्पात अत्यंत विशिष्ट हैं और केवल हमारे पास ही उपलब्ध हैं। हमने जानबूझ कर इनके व्यापक मार्केटिंग का प्रयास नहीं किया है क्योंकि ऐसा करने से:

१. इनकी कीमत कई गुना बढ़ जाएगी ।  और

2. इसके लिए हमें बाज़ार में अपनी स्थिति मज़बूत बनाने के लिए व्यावसायिक रणनीतियों को भी अपनाना पड़ेगा, जिससे हमारे उत्पादों की प्रभावशीलता पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा।

हमारे सभी उत्पाद बिल्कुल प्राकृतिक हैं और इनमें किसी भी प्रकार के प्रिजर्वेटिव, एडिटिव, रंग, गंध आदि का उपयोग नहीं किया गया है।

हमने इन उत्पादों को निम्न श्रेणियों में विभाजित किया हुआ है

सौम्या रॉ हनी

100 प्रतिशत शुद्ध, जैविक, प्राकृतिक, अप्रसंस्कृत और अनपाश्चुरीकृत, भारत की ऊँची हिमालय घाटी से।

B. One pill of each ofCalcarea Phos 3 X , Calcares Sulph 3 X, Ferrum Phos 3 X, Kali Mur 3 X, Natrum Mur 3 X  – alternate with above at a gap of 15 – 20 minutes. 

सौम्या हर्बल चाय

कैंसर, हृदय, जोड़ों और फेफड़ों की समस्याओं को ठीक करने और रोकने के लिए एक अनूठा उत्पाद। केवल शुद्ध, जैविक, प्राकृतिक जड़ी-बूटियों से बनाया गया।

सौम्या स्टीविया पत्तियां

100 प्रतिशत प्राकृतिक, हानिरहित, शून्य कैलोरी वाला परिष्कृत चीनी का विकल्प। एक अप्रसंस्कृत, सूर्य के प्रकाश में छाया-सूखा जैविक कृषि उत्पाद।

प्रशंसापत्र

स्वास्थ्य भंडार ही क्यों चुनें :

लाभ के लिए नहीं : शायद एकमात्र क्लिनिक जो कहीं से भी दवाएं खरीदने के विकल्प के साथ सभी तीव्र (एक्यूट) समस्याओं/बीमारियों के लिए निःशुल्क नुस्खे प्रदान करता है।  केवल एक बार निःशुल्क पंजीकरण करा कर  एक संदर्भ संख्या प्राप्त करें और जब भी परामर्श की आवश्यकता हो तो हमारी संदर्भ संख्या बता कर निःशुल्क प्रिएक्रपशन प्राप्त करें।। परामर्श शुल्क केवल पुरानी, जटिल और लाइलाज बीमारियों के इलाज पर लागू होता है।  तीव्र रोग वो है जो अचानक हो जाते है और  कुछ दिनों में उपचार से ही ठीक हो जाते हैं। जबकि पुरानी बीमारियां धीरे-धीरे लम्बे समय में जन्म लेती हैं, और प्रगतिशील होती हैं और उन्हें ठीक करने के लिए लंबे समय तक उपचार की आवश्यकता होती है। 

एकीकृत दृष्टिकोण : बहुत   असाधारण रूप से, स्वास्थ्य भंडार के डॉक्टर, डॉ.डी.एस. अग्निहोत्री, कई चिकित्सा पद्धतियों में योग्य हैं। ये हैं होम्योपैथी, प्राकृतिक चिकित्सा, योग और एक्यूप्रेशर। डॉ. डी.एस. अग्निहोत्री केवल दोहरी एम.डी. ही नहीं है, बल्कि उनके पास एक प्रतिष्ठित एआईएसीएच (ग्रीस) योग्यता भी है जो अंतराष्ट्रीय स्तर पर केवल योग्य डॉक्टरों के लिए उपलब्ध है। इसके आलवा डॉ. डी.एस. अग्निहोत्री को 50 वर्षों से अधिक का चिकित्सकीय अनुभव है। आमतौर पर, वह सभी एक्यूट समस्याओं का इलाज अकेले होम्योपैथी के साथ करते है। जबकि पुरानी, जटिल और तथाकथित असाध्य बीमारियों का इलाज वह होम्योपैथी, घरेलू प्रंबधनीय प्राकृतिक चिकित्सा, योग, एक्यूप्रेशर और हर्बलिज्म के एकीकरण के साथ करते हैं। होम्योपैथी के साथ इसी तरह के अन्य उपचारों  का  एकीकरण आजीवन दवा के बिना पुरानी और जटिल समस्याओं में भी, सौम्य और स्थायी इलाज प्रदान करने की इसकी प्रभावशीलता को बढ़ाता है और रोगी को आजीवन दवा की आवश्कता भी नहीं रहती। डॉं. डी.एस. अग्निहोत्री ने कुछ हर्बल उत्पाद भी  पेश किए हैं जो गुणवत्ता और प्रभावशीलता में अद्वितीय हैं।

व्यक्तिगत दृष्टिकोण : स्वास्थ्य भंडार में, हम प्रत्येक रोगी को परिवार के सदस्य के रूप में मानते हैं, न कि एक ग्राहक के रूप में, जो रोगी के विशिष्ट शरीरिक, मानसिक और भावनात्मक लक्षणों को समझने के लिए एक समर्पित प्रयास के साथ बीमारी के अंतर्निहित कारण को संबोधित करने का लक्ष्य रखता है, दीर्घकालिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है और बीमारी के लक्षणों को किसी प्रकार दबाने के बजाय उसकी पुररावृत्ति के लिए रोकथाम भी करता है। उपचार के लिए अपनाए गए उपचारों का कोई साइड इफेक्ट नहीं है और स्थायी स्वास्थ्य के बहाल करते हुए, स्वाभाविक रूप से संपूर्ण कल्याण को प्रोत्साहित करते हैं, यहां तक कि एलोपैथी के विपरीत उपयोग की जाने वाली होम्योपैथिक दवाएं भी अपने भौतिक रूप में न  हाकर , बल्कि क्रूड दवा की छिपी ऊर्जा के साथ अपनी अल्ट्रा-माइक्रो रूप् में है। हमारा तंत्रिका तंत्र पेट, यकृत और गुर्दे के मार्गों को दरकिनार करते हुए सीधे उन्हें अवशोषित करता है। वे सर्जरी के बिना इलाज के लिए अद्भूत काम करती हैं, यहां तक कि सर्जरी-अनुशंसित मामलों में भी। अपने अल्ट्रा-माइक्रो रूप में अत्यधिक पतला लेकिन शक्तिशाली पदार्थ साइड इफेक्ट्स के जोखिम को खत्म करते हैं, जिससे यह शिशुओं, बच्चों और गर्भवती महिलाओं सहित सभी उम्र के व्यक्तियों के लिए एक सुरक्षित विकल्प बन जाता है।  

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