🌐 Language

Select your Preferred Language to Enter the Website

वेबसाइट में प्रवेश करने के लिए अपनी पसंदीदा भाषा का चयन करें

सौम्य हर्बल चाय

सौम्य हर्बल चाय

यह चाय हृदय, गठिया रोग, जोड़ों और रीढ़ की हड्डी के रोग और कैंसर रोगियों के लिए वरदान है। नियमति रूप से सेवन करने पर यह एक निवारक के रूप में भी काम करती है ;आपकी नियमित, काली, सीटीसी या यहां तक कि हरी चाय के विकल्प के रूप में)। यह कुछ जड़ी-बूटियों और मसालों का मिश्रण है जो सदियों से हृदय और गठिया दोनों के लिए जाना जाता है, इसके अलावा इसके कई अन्य लाभ भी हैं। हमने इस हर्बल चाय के निर्माण की विधि को अपनी वेबसाइट के कुछ रोग – हृदय संबंधी अनुभाग में प्रस्तुत की है। इस प्रकार, इसे कोई भी अपने घर पर बना सकता है। क्योंकि कई लोगों को इन जड़ी-बूटियों को बाजार से खरीदना और मिश्रण करने से पहले उन्हें पीसना सुविधाजनक नहीं लगता है, इसलिए हमने उनकी मदद करने के लिए यह काम किया है। इसके अलावा, हमने इन सभी सामग्रियों को प्रमाणित जैविक स्रोतों से खरीदा है, जिन्हें आम लोगों के लिए ढूँटना मुश्किल हो सकता है, खासकर कम मात्रा में।

             हमें हर्बल चाय को अच्छे से उबालना चाहिए। हर्बल चाय के एक कप चूर्ण को उबलते पानी में डालें और इसे 4-5 मिनट तक उबलने दें ताकि यह दवा के रूप में उपयोगी हो। एक कप चाय बनाने के लिए, आपको एक कप से ज्यादा पानी लेना पड़ सकता है क्योंकि उबलने के बाद 4-5 मिनट तक उबालने से कुछ पानी वाष्पित हो जाएगा। इसमें दूध न डालें जिससे इसके लाभकारी गुण कम हो सकते हैं। अगर आप इसे मीठा करना चाहते हैं, तो कप में डालने के 3-4 मिनट बाद कच्चा शहद डालें, या इसमें उबालते समय कुछ सूखे आर्गिनिक स्टीविया के पत्ते डालें।

           हर्बल चाय हृदय रोग, जोड़ों के रोग और कैंसर को भी रोक सकती है। इसके निवारक लाभों का लाभ उठाने के लिए, इसे 35 वर्ष की आयु से ही कम से कम दिन में दो बार काली या हरी चाय से बदलना चाहिए।

सौम्य हर्बल चाय
वज़न कीमत
100g ₹600

Saumya Herbal Tea