रोकथाम इलाज से बेहतर है
क्या आप अपने वाहन में बिना गुणवत्ता की परवाह किए कोई भी ईंधन या तेल डालते हैं?
क्या आप मशीनों—यहाँ तक कि साधारण घरेलू उपकरणों—का उपयोग उनकी देखभाल (मेंटेनेंस) की अनदेखी करते हुए करते रहते हैं?
अधिकांश लोग कहेंगे — नहीं।
तो फिर आप अपने शरीर के साथ ऐसा व्यवहार क्यों करते हैं?
आपका शरीर दुनिया की सबसे उन्नत और जटिल मशीन है।
इसके महत्वपूर्ण अंग — मस्तिष्क, हृदय, फेफड़े, यकृत और गुर्दे — बिना रुके लगातार काम (24×7) करते हैं ताकि आप स्वस्थ और जीवित रह सकें।
इसलिए स्वयं से पूछिए:
• क्या आप अपने शरीर को उसकी वास्तविक आवश्यकता के अनुसार पोषण देंगे… या केवल स्वाद के अनुसार?
• क्या आप स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखेंगे… या लापरवाही से जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों को आमंत्रित करेंगे?
चयन हमेशा आपका है।
खराब आदतों से होने वाली जीवनशैली बीमारियाँ
- कैंसर
• मोटापा
• उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन)
• मधुमेह (डायबिटीज)
• हृदय रोग
• स्ट्रोक
• COPD और अन्य दीर्घकालिक श्वसन रोग
• फैटी लिवर तथा यकृत की अन्य बीमारियाँ (सिरोसिस सहित)
• कई प्रकार की किडनी बीमारियाँ (CKD और किडनी फेलियर सहित)
• तनाव से संबंधित विकार
• अवसाद और नींद संबंधी समस्याएँ
• ऑस्टियोपोरोसिस
सौभाग्य से, ये बीमारियाँ स्वस्थ जीवनशैली और आदतों से रोकी जा सकती हैं।
गंभीर बीमारियों से बचने के सरल उपाय
- स्वस्थ वजन बनाए रखें
स्वस्थ वजन बनाए रखने से कई बीमारियों का जोखिम कम होता है।
एक सामान्य मानक है BMI (बॉडी मास इंडेक्स):
- 18.5 से कम = कम वजन
- 18.5 – 24.9 = सामान्य वजन
- 25 – 29.9 = अधिक वजन
- 30 या अधिक = मोटापा
एक सरलतम सूत्र:
आपकी लम्बाई (सेमी में) – (माइनस) 100 = आदर्श वजन (किलो में)
उदाहरण:
आपकी लम्बाई 165 सेमी → आदर्श बज़न लगभग 65 किलो
आपकी लम्बाई 176 सेमी → आदर्श बज़न लगभग 76 किलो
- कमर का माप संतुलित रखें
कमर का माप मेटाबोलिक स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण संकेतक है।
नियम:
कमर का घेरा आपकी लम्बाई से आधे से कम होना चाहिए।
उदाहरण:
आपकी लम्बाई 5’10” (70 इंच) → कमर 35 इंच से कम
आपकी लम्बाई 5’8″ (68 इंच) → कमर 34 इंच से कम
पेट की अतिरिक्त चर्बी हृदय रोग, मधुमेह और अन्य बीमारियों का जोखिम बढ़ाती है।
- स्वस्थ जीवनशैली अपनाएँ
- सूर्योदय से पहले उठें
• प्रतिदिन 8000–10,000 कदम चलें
• योग और प्राणायाम करें
• संतुलित आहार लें
घास, रेत या मिट्टी पर नंगे पाँव चलना विशेष रूप से लाभकारी है।
यह शरीर को प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट प्रदान करता है, सूजन और तनाव कम करता है, रक्त संचार बेहतर करता है और नींद को गहरा बनाता है।
(जीवन शैली संबंधी ये चारों हमारे शरीर पर कैसे और कितना प्रभाब डालते हैं , यह लम्बा विषय होने के कारण इसकी चर्चा हम भविष्य में प्रथक प्रथक अवश्य करेंगे |)
स्वस्थ भोजन आदतें
प्राकृतिक और संपूर्ण आहार लें
साबुत अनाज (चोकर सहित) और पारंपरिक अनाजों (मोटे अनाज) का आटा उपयोग करें:
- मिलेट्स
- ज्वार
- जौ
- मक्का
- चना
दैनिक आहार में शामिल करें:
- नींबू और आंवला
- 3–4 मौसमी फल
- ताजा सलाद (खीरा, गाजर, मूली, चुकंदर, टमाटर, पत्तेदार चीज़े – लेतूस, पालक , बथुआ मेथी आदि )
- हरी सब्जियाँ और पत्ते वाली सब्जियाँ (साग)
- दालें और फलियाँ
लाभकारी मसाले (संतुलित मात्रा में)
- हल्दी
- जीरा
- दालचीनी
- काली मिर्च
- अदरक
- हींग
- धनिया
ये पोषक तत्व, एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर प्रदान करते हैं।
शरीर को क्या नहीं चाहिए (हानिकारक पदार्थ)
इनसे बचें:
- रिफाइंड शुगर
- मैदा
- पॉलिश किय हुए चावल और दालें
तला हुआ और जंक फूड
• प्रोसेस्ड और पैकेज्ड खाद्य पदार्थ – केमिकल, प्रिज़र्वेटिव, एडेटिव युक्त पदार्थ जिसमें बेकरी उत्पाद भी आते हैं - बेहतर विकल्प:
स्टीविया पत्तियाँ (प्रोसेस किया हुस सफ़ेद पाउडर या ड्रॉप्स नहीं), शहद (कच्चा), खजूर सिरप, देशी खांड या गुड़
शहद हमेशा कच्चा (अनप्रोसेस्ड) ही उपयोग करें
शहद की प्रोसेसिंग (जिसमें शहद को गरम किया जाता है) करने से उसके प्राकृतिक लाभकारी तत्व समाप्त हो जाते हैं )
- नमक की जगह सेंधा नमक, काला नमक, या टाटा का सुपरलाइट 30 नमक (टाटा आयोइज्ड साल्ट नहीं)
स्वस्थ खाने की आदतें
- केवल सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच भोजन करें
• सोने से 3 घंटे पहले भोजन न करें
• 30 वर्ष की आयु के बाद दिन में केवल 3 बार भोजन करें
• बार-बार स्नैकिंग से बचें
• पेट को पूरी तरह न भरें (¼ खाली रखें)
पानी पीने का सही तरीका
- प्रतिदिन 2.5–3 लीटर पानी पिएँ
• भोजन के दौरान पानी न पिएँ
• भोजन के 1–1.5 घंटे बाद पानी पिएँ
दिन की सही शुरुआत करें
- सुबह एक गिलास पानी में नींबू का रस लें
• चाहें तो काला नमक या शहद मिला सकते हैं
यह शरीर को दिन भर ऊर्जा देता है और पोषक तत्वों के अवशोषण को बढाता है।
इन सरल प्राकृतिक नियमों का पालन करके आप कई गंभीर बीमारियों से खुद को सुरक्षित रख सकते हैं और अस्पताल के मोटे बिलों से स्वम को बचाए रख सकते हैं ।
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