दीर्घकालिक और जटिल रोग केवल दवाओं के सहारे पूरी तरह ठीक नहीं किए जा सकते। स्वास्थ्य भंडार एक व्यावहारिक इंटीग्रेटेड थैरेपी प्रदान करता है, जिसमें होम्योपैथी के साथ जीवनशैली आधारित प्राकृतिक उपचारों का संतुलित समन्वय किया जाता है। यह उपचार पद्धति ऐसी है जिसे रोगी अपनी दैनिक दिनचर्या में आसानी से अपनाकर जीवनभर दवाओं पर निर्भर हुए बिना और सर्जरी कराए बिना स्थायी स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

आज प्राकृतिक वातावरण में स्थित कई वैकल्पिक चिकित्सा केंद्र एक या कुछ हफ्तों के लिए रोगियों को सख्त आहार, नियंत्रित जीवनशैली और तनाव-मुक्त वातावरण में रखकर अस्थायी राहत देते हैं। लेकिन जैसे ही रोगी अपने सामान्य जीवन में लौटते हैं, उस अनुशासन को बनाए रखना संभव नहीं हो पाता और बीमारी दोबारा उभर आती है। इसलिए ऐसे उपचारों का लाभ लंबे समय तक टिक नहीं पाता।

स्वास्थ्य भंडार में दी जाने वाली इंटीग्रेटेड थैरेपी को इस तरह तैयार किया गया है कि रोगी अपने सामान्य कार्य और जिम्मेदारियाँ निभाते हुए भी उपचार जारी रख सकें। रोगी जीवनशैली आधारित प्राकृतिक उपचारों के साथ अपनी आवश्यकता और इच्छा के अनुसार एलोपैथी , आयुर्वेदिक आदि किसी भी प्रकार की दवाओं सेवन कर सकते हैं। हमने किसी भी प्रकार के साइड इफ़ेक्ट रहित, सुरक्षित और इस प्रकार के रोगों में अत्यधिक प्रभावशील होने के कारण होम्योपैथी को चुना है। इस उपचार पद्धति से न तो जीवनभर बढ़ती खुराक वाली दवाओं पर निर्भरता रहती है और न ही सर्जरी या अंग प्रत्यारोपण जैसे जोखिमपूर्ण उपायों की आवश्यकता होती है।

प्राकृतिक उपचारों और होम्योपैथी के निरंतर और सही उपयोग से शरीर के महत्वपूर्ण अंग धीरे-धीरे अपनी सामान्य कार्यक्षमता पुनः प्राप्त करने लगते हैं। परिणामस्वरूप, जीवनभर दवाओं की आवश्यकता समाप्त हो जाती है, और रोगी दीर्घकालिक तथा स्थायी स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करते हैं—यहाँ तक कि उन रोगों में भी जिन्हें सामान्यतः “लाइलाज” माना जाता है।

केस टेकिंग और संपूर्ण चिकित्सा गाइडलाइन्स ऑनलाइन भी उपलब्ध है जो अधिक सहज और प्रभावकारी है।

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